सोमवार, 24 जनवरी 2011

चमचमाते आइने में नहीं उनके नसीब का अक्स

संजय कृष्ण :  रांची-मुरी मार्ग से एक रास्ता जोन्हा फॉल की ओर जाता है। चमचमाती सड़क। आइने की मानिंद। यात्रा के दौरान कहीं जर्क नहीं। यह रास्ता गांव की तरक्की के लिए नहीं बना है। इसलिए बना है कि जोन्हा फॉल देखनेवाले पर्यटकों को  असुविधा न हो...। इसी सड़क के आस-पास कई गांव बसे हैं। इन गांवों के नसीब का अक्स चमचमाते आइने अर्थात बगल की बेहतरीन सड़क में नहीं मिल सकता। उन्हीं में है गुड़ीडीह गांव।
जोन्हा गांव से प्रपात के रास्ते आगे बढ़ते हैं, तो स्वागत की मुद्रा में एक बड़ा पत्थर मिलता है। उस पर लिखा है, पत्थरगड़ी ग्रामसभा गुड़ीडीह। नीचे की पंक्ति है- सबसे अच्छी ग्रामसभा। पत्थर पर तिथि भी अंकित है- 10.10.2001। यानी इस पत्थर को गड़े भी एक दशक हो गया, लेकिन गांव की स्थिति यथावत।

पानी के लिए मारामारी
जब इस गांव के प्राथमिक विद्यालय पर पहुंचते हैं, तो कई युवा और अधेड़ घेर लेते हैं। उन्हें लगता है, हम उनकी समस्या का समाधान करने आए हैं। चमन भोक्ता  कहते हैं, गांव में कोई सुविधा नहीं। सड़क नहीं। बिजली नहीं। पानी के लिए मारामारी होती है। चापाकल भी नहीं है। कुएं सूखने लगे हैं।

उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो का इलाका
अनगड़ा प्रखंड के इस गुड़ीडीह गांव में कई टोले हैं- जिलिंग सेरंग, रायपुर, गौतमधारा, जादवबुधु, माथनदेरा, चतरा दरता, टुगरी टोला, ढीपा टोला...। सभी गांवों की कहानी एक जैसी। महावीर भोक्ता खेती करते हैं। वे इन टोलों की आबादी पांच हजार के करीब बताते हैं। राज्य के उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो का इलाका है। गांव की सुधि नहीं।

इंदिरा आवास के लिए पांच हजार की मांग
 गांववाले कहते हैं, इंदिरा आवास के लिए ब्लाक पर पांच हजार मांगते हैं। एक दूसरा युवक कहता है- यहां नौकरीवाले को इंदिरा आवास मिला है। वह न अपना नाम बताता है, न उस आदमी का, जिसे इंदिरा आवास मिला है। कहता है, गांव में रहना है। दुश्मनी कैसे ले सकते हैं। लेकिन, बीडीओ जांच तो करा ही सकते हैं। ब्लॉक में गरीबों की कोई नहीं सुनता।

बीपीएल सूची में खाते-पीते लोग लोगों का कहना है- गांव में खाते-पीते लोग बीपीएल सूची में हैं। बस्ती तक जाने के लिए रोड नहीं। कहते-कहते हम लोग थक गए। लेकिन, कुछ नहीं हुआ। रामदेसी मुंडा का नाम बीपीएल सूची में दर्ज है। पर, उसे कोई सुविधा नहीं मिली। लौटते वक्त उस पत्थलगड़ी के पास पहुंचता हूं। उम्मीद करता हूं- पंचायत चुनाव हो गया है, कुछ तो बदलाव दिखेगा। 
   

रांची में कवि त्रिलोचन और मंडा पर्व

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